Sunday, 24 January 2016

अमीर की होती है, गरीब की होती है, दूर की होती है, क़रीब की होती है मगर जहाँ भी होती है ऐ मेरे दोस्तो पेशीयाँ तो नसीब से होती है :- 04 JANUARY 2017 10 AM - आज मेरे यार कि पेशी है \-२ लगता है जैसे सारे संसार की पेशी है, आज मेरे यार कि पेशी … वक़्त है ख़ूबसूरत बड़ा शुभ लगन मुहूरत देखो क्या ख़ूब जमीं है D K की भोली सूरत D K की भोली सूरत ख़ुशी से झूमें है मन मिला पगली को पागल किसी के सपनों के सोलह सिंगार की पेशी है आज मेरे यार कि …पेशी ..... एक चमन से देखो आज बहार की पेशी है, आज मेरे यार कि पेशी है, मेरे दिलदार की पेशी है, लगता है जैसे सारे संसार की पेशी है, आज मेरे यार कि पेशी ???